Friday, 21 November 2014

The Death of A Soul

 


 
आत्मा की मृत्यु

मंदिर के पुरोहित

अंग पे पीताम्बर ओढ़े ,
माथे पर चन्दन केसर का तिलक लगाये
पुरोहित प्रबंधक, लोभ में अंधे
मायावी के चरणों से भक्तों की माया चुराएं

ज्ञान और श्रद्धा के स्तम्भ किसी युग के
आज इनकी नीँव क्षतिग्रस्त हो चुकी है
शरीर जीवित हैं इनके पर आत्मा की मृत्यु हो चुकी है

विधालय  के शिक्षक

जर्जर भवन विधालय के , धूल धूसरित कक्षा में
पाठकों के रिक्त आसन देखो
गोबिंद से पहले गुरु, ऐसे अलंकृत शिक्षक
कैसे करते अध्यापन देखो

विधालय विरान  है, शिक्षक के घर उमड़ा
बच्चों का जन समूह  भारी है
ज्ञान का प्रकाश  बांटना बना व्यवसाय
गुरु भी आज व्यापारी है

काला स्याह ग्रहण से ग्रसित
समाज से सूरज की किरण खो चुकी है
शरीर जीवित हैं इनके, पर आत्मा की मृत्यु हो चुकी है

to be continued:-

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