| I hold your hands and look into your eyes look into your soul ...and I find me looking at myself I am looking for my soulmate and I find my own soul. |
कौन हो तुम
बरसात आंधी, कुदरत की मार
कभी धूप गरम
धीरे धीरे लड़खड़ाते
उठते बढ़ते मेरे कदम
थकी टूटी नाउम्मीद
घुटने टेकती ज़िन्दगी
उखड़ती साँसे सूखे होंठ
करूँ तेरी बंदगी
ठन्डे हवा के झोके सी
तू आई बन के फरिश्ता
सागर की गहरायी तुझमें
और मैं एक बूँद को तरसता
मेरे पलकों से पोंछ के आंसू
माथे से पोंछ के पसीना
हाथ थाम के संभाला मुझे
फिर से सीखा दिया जीना
कौन हो तुम
मेरे सवाल का ना कोई जवाब दिया
जाते जाते बस हलके से मुस्कुरा दिया
आज फिर जख्म हैं गहरे
और मरहम की भूख मेरी
बेइंतेहा दर्द से परे
इन् आँखों क तलाश तेरी
जानता हूँ मजबूर हो तुम
तुम्हे तो आना है
जानना है कौन हो तुम
दर्द तो एक बहाना है
कौन हो तुम
मेरा सवाल आज ज़ुबान तक नहीं आया
तेरे माथे पे शिकन, और मैं मुस्कुराया
हाथ थाम के जो आँखों में देखा तेरी
एक झलक दिखी तेरी रूह
खुदा का कैसा यह करिश्मा
हूँ अपने आप से ही रूबरू
तलाश खत्म हुई आज
मंज़िल अपनी है पायी
सूकून बहुत है जान के
मेरी रूह तुझे में समायी
मोहब्बत दो दिलों के मिलने को
सारा जहां कहता है
हमें क्या इन् अफ़सानो से
हम नें रूहों को मिलते देखा है
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