दुनिया ने पढ़ लिए
गीता वेद पुराण सारे
सत्संग सुनने पहुंचे कई
साधु महामाओ के द्वारे
विचलित मन की शांति की खोज में
खो गए कई हिमालय की गोद में
रात थी, पर मधम रौशनी भी
माथे पर बिखरी लट तेरे बालो की
चादर ओढ़े तू सोया हुआ
शायद सपनों में खोया हुआ
एक टक निहारूं चेहरा तेरा
युहीं शांत हो जाए मन मेरा
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